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Surya Dev Ka Vaar Hai Lyrics


Surya Dev Ka Vaar Hai Lyrics
Surya Dev Ka Vaar Hai Lyrics

Surya Dev Ka Vaar Hai Lyrics

सूर्य देव का वार है उर्जा का संचार है ।

रवि वार दिन सूर्ये देव का पूज रहा संसार है ।।

सूर्य देव का वार है उर्जा का संचार है ।

सूर्ये देव का रथ चलता है तो जन जीवन चलता है,

पाके ऊष्मा सूर्ये देव की धरा का आँचल खिलता है ।

यही सूर्य का सार है उर्जा का संचार है,

रवि वार दिन सूर्ये देव का पूज रहा संसार है ।।

सूर्य देव का वार है उर्जा का संचार है ।

रवि वार दिन सूर्ये देव का पूज रहा संसार है ।।

प्राहते काल की नर्म लाली माँ सूर्ये देव जब लाते है,

जन जीवन जागृत होता पंशी गुण गुण गाते है ।

धरती का शिंगार है उर्जा का संचार है,

रवि वार दिन सूर्ये देव का पूज रहा संसार है ।।

सूर्य देव का वार है उर्जा का संचार है ।

रवि वार दिन सूर्ये देव का पूज रहा संसार है ।।

सूर्ये देव का जो प्रति दिन पूजन वन्दन करता है,

नियमत करे अश्नान ध्यान जो रवि अभिनंद करता है ।

कटता रोग विकार है उर्जा का संचार है,

उर्जा का संचार है ।।

सूर्य देव का वार है उर्जा का संचार है ।

रवि वार दिन सूर्ये देव का पूज रहा संसार है ।।

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